New Elected Chairman Sunil Acharya in Action, Working Effectively Impressive.
Weather in Mount Abu - Calm in Noon, Mild cold in Night
जगतगुरु रामानंदाचार्या रामनरेश महाराज जी और महंत श्री सिया बल्लभ दास जी बिश्नवाचार्य जो सर्वेश्वर रघुनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष है उनकी अगुवाई में यह रथयात्रा आयोजित की जाती है। इस मौके पर भजन देश से भजन कीर्तन मंडलियां भी आई है। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है। अखंड श्री रामकीर्तन से पूरा शहर गूंजायमान होता है। साल में तीन दिन यह दिन भक्ति के ऐसे उत्सव का होता है जब शिव की नगरी होली से पहले भगवान रामनाम के संकीर्तन में रंगती और सराबोर होती है। भगवान राम के इस उत्सव को लोगों ने सर्वेश्वर रघुनाथ उत्सव भी कहते है जिसमें भगवान राम रथ में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देते है। भगवान राम का रथ निकलता है और दर्शन और स्वागत का निर्बाध सिलसिला भी शुरू हो जाता है।
दरअसल माउंटआबू में यह परंपरा सदियों पुरानी है जिसे होली से पहले की होली के रूप में जाना जाता है। यह होली भगवान राम अपने भक्तों के बीच खेलते हैं। इस दौरान होली से पहले ही भगवान राम और शिव की यह नगरी होली के कई रंगों में रंगती हुई नजर आती है। भगवान राम की रथयात्रा मंदिर परिसर से शुरू हुई और माउंटआबू शहर में पहुचनी शुरू हुई। सबसे पहले भगवान राम की सवारी का सदियों पुरानी परंपरा के मुताबिक माउंटआबू के बिहारी जी मंदिर में विशेष आरती की जाती है। फिर स्वागत किया जाता है। उसके बाद भगवान राम का के रथ में रघुनाथ जी को विराजमान किया जाता है। यह परंपरा बड़े उत्साह से की जाती है।
भगवान राम की रथयात्रा के बीच भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ता है। पूरे शहर की परिक्रमा के साथ भगवान राम की सवारी का हर जगह स्वागत किया गया और आरती भी उतारी गई। भगवान राम ने भक्तों को दर्शन देना शुरू किया। यह सिलसिला दो दिनों तक माउंटआबू में चलता है यानी वह दो दिनों तक पूरे माउँटआबू के लोगों को रथ में विराजमान होकर दर्शन देते है।भगवान राम की सवारी पूरे शहर की परिक्रमा करती है। इस बार भी भगवान राम की भक्ति की धारा में शामिल होने के लिए देश-विदेश से संतों की जमात यहां आए जिसमें देश विदेश से कई साधु और संत भी शामिल हुए है। साध-संत और मंडलेश्वर से जुड़ी यह टोली भगवान राम जी के रथ के साथ चलती है जिसमें हजारों श्रद्धालु भी दिखते है।