New Elected Chairman Sunil Acharya in Action, Working Effectively Impressive.
Weather in Mount Abu - Calm in Noon, Mild cold in Night
आह दोपहर साल गाँव के जंगल आग के हत्ते चढ़ गये जिसकी सुचना मिलने पर वन विभाग घटना स्थल पर पहुंचा और फिर वन विभाग के जवान आग भुझाने के लिए शंघर्ष करते दिखाई दिये |
आबूटाइम्स के एक्सक्लूसिव लाइव कवरेज का असर
आग के विकराल रूप की सुचना मिलने पर हम घटना स्थल पर पहुंचे और तुरंत लाइव कवरेज शुरू कर दिया जिस पर सी.आर.पी.एफ ने रियेक्ट किया और कमेन्ट कर घटना स्थल पर पहुचने की जानकारी दी, करीब 12:30 बजे सी.आर.पी.एफ के जवान व आई.जी मौके पर पहुंचे और तुरंत प्रभाव से वन विभाग व नगर पालिका के साथ आग भुझाने के कार्य में जुट गया |
संसाधन व रननिति की कमी, नहीं लिया अभी तक सबक
2018 में जब आग का विकराल रूप सबके सामने आया तो यह मंज़र सभी के लिए नया था और उस समय आग पर काबू पाने के लिए काफी शंघर्ष करना पड़ा था गौरतलब है यहाँ आर्मी, सी.आर.पी.एफ व एयर फाॅर्स है जिनके अथक प्रयास व संसाधनों के चलते एक हफ्ते बाद आग पर काबू पा लिया गया था |
लेकिन उस समय कहाँ गया था की आग से निपटने के लिए संसाधन जुटाए जायेंगे व रणनीति भी तैयार की जायेगी , लेकिन कल लगी आग ने फिर पोल खोल दी |
- जहाँ फायर ब्रिगेड पानी भरने बार बार नाके पर जा रहा था तो उस समय अगर पानी के टेंकर साथ होते तो समय भी बचता और आग भूझाने में इतना संघर्ष नहीं करना पडता |
- आपदा दल व वन विभाग अपने स्तर पर जंगल में उतर कर फायर लाइन बनाकर आग को रोकने की कोशिश करता रहा है लेकिन अगर सभी सदस्यों को ट्रेनिंग दी जाये व छोटे ग्रुप बनाये जाये जो की तुरंत प्रभाव से रणनीति के आधार पर आग भुझाने के कार्य करे तो वह ज्यादा असरदार व प्रभावी होंगे |
- आज के आधुनिक दौर में कई केमिकल बाल्स आते है जो की सेकंडो में एक बड़े इलाके में लगी आग को भुझा देता है |
- फायर एंड सेफ्टी विभाग से लेनी चाहिये मदद व उनके मार्गदर्शन से एक टीम गठित की जाये जो प्रभावी रूप से आबू के जंगलो को आग से बचाने में सक्षम हो |
एक बार यह सोच के देखे की अगर आर्मी, एयर फाॅर्स या केंद्रीय सुरक्षा बल यहाँ नहीं होते तो हम कितने सक्षम थे इस आग पर काबू पाने के लिए, झरझर अवस्था में रिपेयरिंग के नाम पर पर्यावरण का हवाले दिया जाता है और यु कुछ ही घंटो में कई बीगा जंगल राख हो जाता है | आबू के जंगल को आग से बचाने के लिए गंभीरता से चिन्तंत व आधुनिक संसाधनों की मदद से एक सशक्त टीम बनाने की अति आवश्यकता है |