Weather in Mount Abu - Calm in Noon, Mild cold in Night
Sunil Acharya most likely to be the next Chairman of NP Mount Abu
उनके विरोध के बाद भी दो आरपीएफ के जवान मौके पर पहुचे लेकिन थाना प्रभारी व स्टेशन पर किसी बडै अधिकारी ने आने कि जहमत नही की जिससे की यात्रियो का गुस्सा ओर फूट पडा आरे जेसे ही ट्रेन रवाना होने लगी उन्होने चेन खीच कर टेे्रन को आगे जाने से रोका इसी दोरान मौके पर पहुंचे जीआरपी के जवानो व अन्य लोगो द्वारा यात्रियो को समझाया गया ओर abutimes.com अपनी लिखीत रिपोर्ट देकर ट्रेन को रवाना करवाने को कहा काफी देर की समझााईस के बाद पिडित यात्रियो द्वारा लिखित रिपोर्ट देकर टे्रन को रवाना किया गया।
आरपीएफ थाना प्रभारी ने बताया कि मुम्बाई निवासी अर्पित माथुर ने रिपेार्ट मे बताया कि उसके गले मे पहन रखी ढ़ाई तोले सोने की चेन व पाली निवासी मुकेल राठी पुत्र रामकिशोर राठी ने 15 ग्राम सोने कि चेन लुटने abutimes.com की रिपोर्ट दर्ज करवाई बाकि सभी को हमने ट्रेन के अन्दर रिपोर्ट देने का कहा सभी की रिपोट दर्ज कर ली गई है, ओर गुजरात पुलिस को सूचना देकर नाके बंदी कर लुटेरो को पकडने के प्रयास किये जा रहे है।
इनके साथ हुई लूट
सूर्यनगरी ट्रेन में एस-6 मे मुम्बई से जोधपुर यात्रा कर रहे नकुल पाठक के गले की चेन,एस-6 मे मुम्बई से पाली को जा रहे शांतिलाल के गले कि चेन व अंगुठी, एस-6 में किरण देवी, देवकिनन्दन, भंवरी देवी,पुष्पा बेन,ओमप्रकाश सोनी के बेग व मंगलसुत्र, एस-5 मे पदमसिंह राठोड, एस-3 मे चन्द्रीकांत देवी के मंगलसूत्र गले की चेन व पेर मे पहनी पायजेब सहित अन्य सामान को लूटा गया।
यह हुये घायल
लूट की बारदात के दौरान सूरत निवासी चन्द्रीकान्त देवी, मुम्बई निवासी abutimes.com किरण देवी व पाली निवासी शंतिलाल द्वारा लूटेरो का विरोध करने पर उनको पत्थरो व अन्य हथियारो से घयल किया गया वही भंवरी देवी के गले मे मंगलसूत्र च चेन तोडने के दौरान उनके गले मे चोटे आई।
क्यो नही थे कोच मे जीआरपी के जवान व टीटीई
अहमदाबाद से टीटीई समेत जीआरपी के जवान हर कोच मे सुरक्षा के लिये मेतान रहते हे लेकिन गत रात्री को इतनी बढी वारदात होने के बाद भी क्यो नही पुलिस के जवान व टीटीई कोच मे नही आये। एस-6 मे यात्रा कर रहे भीलवाडी निवासी ओमप्रकास सोनी ने बताया की अहमदाबाद से टे्रन रवाना होने पर कुठ लडके ट्रेन मे चढे हमने विरोध कया ओर टीटीई को abutimes.com ढूढ़ा़ लेकिन न तो कोच मे टीटीई थे ओर न पुलिस के जवान हमने पालनपुर तक देखा लेकिन को भी ट्रेन मे नही था घटना के बाद आबूरोड तक भी पुलिस सहित कोई भी रेलवे का अधिकारी नही आया हमारे द्वारा ट्रेन रोकने के बाद भी सिर्फ चार पुलिस के जवान आ गये ओर हमको ही धमकाने लगें।